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Saturday, December 24, 2016

अपनी अपनी सोच

दोस्तों जैसा कि हम जानते है कि हर इंसान के सोचने का दायरा होता है सबकी सोच एक जैसी नही  होती है हर इंसान अलग सोच रखता है और इसी आधार पर जिंदगी में सफलताएं हासिल करता है अगर आप 10 अलग अलग लोगों से पूछेंगे कि जिंदगी में आप अधिक से अधिक क्या करना चाहते हैं ? कोई कहेगा अच्छा घर गाड़ी और अच्छा बिजनेस मिल जाये,  कोई कहेगा बस रहने खाने का जुगाड़ हो जाये, किसी का जवाब होगा मै इंजीनियर, डॉक्टर  बन जाऊँ तो कोई कहेगा स्पोर्ट्स मैन फिल्मस्टार बन जाऊँ किसी का जवाब होगा मै दुनिया का हर एक कोना देखना चाहता हूँ, तो कोई कहेगा मै समाज सेवा करना चहता हूँ और कोई बोलेगा अगर शादी हो जाये तो जिंदगी सफल हो जाये. दोस्तों असल में हमारी सफलता और असफलता हमारी सोच पर निर्भर करती  है!
अगर कोई फिल्म स्टार बना है तो अपनी सोच के वजह से कोई क्रिकेटर बना है तो अपनी सोच के वजह से अमेरिका अगर विश्व शक्ति बना है तो अपनी सोच के वजह से  आदमी जैसा सोचता है वैसा बन जाता है तो क्यों ना हम अच्छा सोचे हमारी सोच का दायरा बड़ा होना चहिये भारत में ज्यादातर लोग अशिक्षित और छोटी सोच रखने वाले हैं जिसके  कारण  अभी तक हम विश्व शक्ति नही बन पाये अपनी सोच का दायरा कभी छोटा ना रखें,
 बड़ा सोचे बड़ा बने और अपने साथ साथ देश को भी आगे लें जायें
जय हिंद..
आपका दोस्त
सौरभ कुमार सोनी 

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