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Friday, November 18, 2016

मानवता के हार की कहानी

लखनऊ : पूरी दुनिया में नबावों के शहर के नाम से जाना जाने वाला लखनऊ अब अपराधों की राजधानी बन चुका है। जिस तरह दिल्ली में तीन साल पहले हुए निर्भया कांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इसी तरह की कई घटनाओं ने लखनऊ की मानवता को शर्मसार किया है। पुलिस ने दरिंदों को गिरफ्तार करके सलाखों के पीछे तो पहुंचाया लेकिन फिर भी राजधानी में बहू-बेटियां सुरक्षित नहीं हैं ऐसी ही कुछ घटनाएं हम आप को बता रहे हैं जो निर्भया की याद दिलाती हैं।


केस नंबर एक: 27 जून 2009 को गोमतीनगर इलाके में एक कलयुगी पिता ने अपनी सौतली बेटी को हवश का शिकार बना डाला। पीडि़ता की नानी की शिकायत पर पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया।

केस नंबर दो: 12 जनवरी 2013 को इंडियन एयर लाइंस में सिक्योरिटी गार्ड ने नौकरी छोड़ने के बाद अपनी पत्नी को देह व्यापार के धंधे में धकेल दिया। इस हैवान ने दूसरों के साथ उसकी अश्लील वीडियो फिल्म बनायी और इसके बाद रिकार्डिंग का हवाला देकर जिस बेटी को गोद में लेकर खिलाया, लेकिन उसकी भी अस्मत को भी नीलाम करने पर अमादा हो गया, लेकिन खुद को नीलाम कर चुकी मां अपनी लाडली की अस्मत बचाने के आगे आई और विकासनगर थाने में शिकायत तो पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया।

केस नंबर तीन: 2 फरवरी 2013 को माल थाना क्षेत्र में एक सौतले पिता ने अपनी 16 वर्षीय बेटी को ढाई माह तक बंधक बनाकर उसकी आबरू लूटी। दरिंदे पिता के चंगुल से किसी तरह मासूम बचकर बाहर निकली और माल थाने की दहलीज पर पहुंकर आप बीती बतायी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस मुकदमा दर्ज कर आरोपी पिता को गिर तार कर सलाखों के पीछे भेजा।

केस नंबर चार:17 जुलाई 2014 को मोहनलालगंज के बलसिंह खेड़ा गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय परिसर में दरिंगी की हर हद पार कर दी गई थी। दरिंदों ने एक 30 वर्षीय महिला को निर्वस्त्र कर मौत की नींद सुलाया था।

केस नंबर पांच: 8 अगस्त 2014 को त्रिवेणीनगर निवासी एक बाप ने अपनी नाबालिग बेटी से रेप किया किशोरी एक प्राइवेट स्कूल में 9वीं की छात्रा थी। उसने अपने पिता पर सालों से रेप करने का आरोप लगाया था। हसनगंज कोतवाली प्रभारी दिनेश सिंह ने आरोपी के विरुद्ध रेप मुकदमा, और उसकी पत्नी पर 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया।

केस नंबर छह: 02 फरवरी 2015 को अमीनबाद के ग्रीन मार्केट निवासी इंटीरियर डेकारेशन का कारोबार करने वाले शिशिर श्रीवास्तव की 20 वर्षीय बेटी एलएलबी की छात्रा गौरी श्रीवास्तव की बेरहम कातिलों ने दो टुकड़े कर उसकी निर्मम हत्याकर लाश को पीजीआई थाना क्षेत्र स्थित वृन्दावन कॉलोनी के पास आवास विकास कार्यालय स्थित नहर के किनारे फेंक दिया था उसकी भी लाश दो टुकड़ो में बैग में मिली थी।

केस नंबर सात: 29 नवंबर 2015 को बंथरा थाना क्षेत्र निवासी एक सगे भाई ने अपनी बहन के साथ दुष्कर्म किया। इस घटना की जानकारी होते ही घर परिवार तो दूर यह घिनौनी वारदात स्थानीय लोगों को भी झकझोर कर रख दिया। फिलहाल यह तो बानगी भर आंकड़े हैं और भी वारदातें हुई जिनमें ज्यादातर अपने ही आरोपी निकले।

केस नंबर आठ: 4 दिसम्बर 2015 को मड़ियांव थानाक्षेत्र के आईआईएम रोड स्थित डेंटल कॉलेज के पास 4 कटे हुए पैर पड़े है जिन्हें कुत्ते नोच रहे है। घटना की जानकारी पाकर मौके पर थाना प्रभारी संतोष सिंह व क्षेत्राधिकारी प्रताप गोपेन्द्र पहुंचे और आशंका के मद्देनजर आस पास कॉम्बिंग शुरू की। कॉम्बिंग के दौरान पुलिस को घटनास्थल से लगभग 1 किमी दूरी पर सहारा सिटी होम के सामने सर्विस लेन पर एक बोरा दिखा जिसमे से अजीब दुर्गन्ध आ रही थी। पुलिस ने बोरा खुलवाकर देखा तो उसमे एक महिला का सर कटा धड़ था। वही इससे 300 मीटर की दूरी पर एक और सर कटा धड़ पड़ा हुआ था। घटना की जानकारी होते ही मौके पर एसएसपी लखनऊ राजेश पाण्डेय,डीआईजी डीके चौधरी, आईजी जकी अहमद व पुलिस अधीक्षक क्राइम ज्ञान प्रकाश चतुर्वेदी भी पहुंच गए लेकिन अभी तक शिनाख्त नहीं हो सकी।

केस नंबर नौ: बंथरा इलाके में 15 दिसम्बर को मजदूर श्रवण कुमार भुजवा (45) ने मासूम व उसके भाई को मिठाई खिलाने के बहाने घर के बुला लिया। श्रवण मासूम को मिठाई देने के बाद उसे निवस्त्र कर उसके साथ दुराचार का प्रयास करने लगा। चीख सुनकर दौड़े परिवारीजनों ने आपत्तिजनक हालत में आरोपि को धर दबोचा और उसकी जमकर पिटाई की। बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया। पीड़िता के पिता की तहरीर पर स्थानीय पुलिस ने आरोपित के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। सूचना पाकर एसपी पूर्वी शिवराम व सीओ कृष्णानगर राजेश यादव पीड़िता के घर पहुंचे तथा उसके अभिभावकों को आरोपित के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। एसओ संजय खरवार के मुताबिक आरोपी श्रवण की पत्नी ने उसे छोड़ दिया है और वह अकेले ही अपने घर में रहता है !

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